लोकतंत्र को जीवित रखने में पत्रकारों की अहम भूमिका - शुक्ल
रायपुर
आज जबकि अभिव्यक्ति की आजादी है लेकिन सच को जस का तस रखने के अपने खतरे भी हैं। लेकिन तमाम खतरों के बावजूद कलमवीर पत्रकार बंधु अपना फर्ज निभा रहे हैं और इनकी बदौलत लोकतंत्र जीवित है। आज इनका सम्मान करने पर ब्राह्मण समाज को गर्व की अनुभूति हो रही है। उक्त उदगार पंडित शिव वरुण शुक्ल अध्यक्ष छ ग निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग ने कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित पत्रकार सम्मान समारोह में कही।
कार्यक्रम के अध्यक्ष अरुण शुक्ल ने पत्रकारिता के लिए अपनी सेवाएं दे चुके वरिष्ठ पत्रकारों का अभिनदन करते हुए कहा कि हमारे विप्र पत्रकार साथी अपनी प्रतिभा, साहस और श्रम के कारण प्रदेश के नामी अखबारों और मीडिया चैनलों में खासा प्रभाव रखतें हैं उनके कारण बहुत से अखबार प्रतिष्टित हुए। प्रदेश के कोने कोने से विप्र पत्रकारों को आमंत्रित कर हम उनका सम्मान कर रहे हैं। कार्यक्रम के शुभारंभ में उपाध्यक्ष राघवेन्द्र मिश्रा ने कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज द्वारा किए जा रहे विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। शैक्षणिक व सामाजिक गतिविधियों में समाज की ओर से काफी काम किया गया है, उन्होंने कहा कि दो दिन के इस सम्मेलन का मुख्य मकसद था कि विभिन्न घटकों में बटे हुए ब्राम्हण समाज पहले सिर्फ ब्राम्हण, उन सभी को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है। एक होने से ही समाज की ताकत बढ़ेगी। सभी पत्रकारों का परिचय दिया तथा अतिथियों का स्वागत संयोजक प्रशांत दुबे, कोषाध्यक्ष अतुल पांडे, सचिव संतोष दुबे, सह सचिव अजय अवस्थी, विजय शुक्ल, रज्जन अग्निहोत्री, शशिकांत मिश्रा, राजकिशोर दीक्षित ने किया। कार्यक्रम का संचालन आकांक्षा दुबे ने किया तथा आभार सचिव संतोष दुबे ने किया। इस अवसर पर पत्रकार कौशल किशोर मिश्र, शंकर पांडेय, प्रकाश शर्मा, ब्रजेश चौबे, केके शर्मा, राजेश मिश्रा, अनिल तिवारी, नवीन शर्मा, शारदा दत्त त्रिपाठी, अनिरुद्ध दुबे, प्रशांत दुबे, संजय शुक्ला, दीपक पांडेय, आशीष तिवारी, आशीष शर्मा, बृजेश द्विवेदी, योगेश मिश्रा, डॉ वैभव बेमतरिहा समेत प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रदेश भर से आए हुए विप्र पत्रकारों को सम्मानित किया गया।

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